Kaam Vaasna

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बुआ का कृत्रिम लिंग-2

बुआ का कृत्रिम लिंग-2

हमारी यह बात सुन कर पापा और मम्मी ने हम दोनों को यहीं छोड़ कर जाने का निर्णय लिया तथा सिर्फ अपने दोनों के जाने के कार्यक्रम को अंतिम रूप दे कर तैयारी कर ली।

पहली चुदाई फ़ूफ़ीजान के साथ

पहली चुदाई फ़ूफ़ीजान के साथ

मम्मी-पापा के शादी में जाने के बाद उन्होंने रात को खाना बनाया और हमने साथ ही खा लिया. खाना खाते वक़्त फ़ूफ़ी बोलीं- तुम्हारे कमरे में सी-डी प्लेयर है तो मुझे कोई अच्छी पुरानी फिल्म देखने दो.

बुआ को मिला असली लिंग

बुआ को मिला असली लिंग

जब मैंने उनसे कहा कि मैं कपड़े बदल के आता हूँ तो उन्होंने बोला कि जब नग्न ही सोना है तो कपड़े बदलने की क्या ज़रूरत है, इसलिए सारे कपड़े यहीं पर उतार कर उनके पास ही लेट जाऊँ!

मकान मालिक की प्यासी बेटी

मकान मालिक की प्यासी बेटी

मकान मालिक का अपना खुद का बिजनेस है और वो अपने काम में इतना व्यस्त रहता है कि अपनी बीवी को भी समय नहीं दे पाता है। वो कुछ अधेड़ उम्र का लगता है जैसे कि वो बिल्कुल ही झड़ गया हो।

पड़ोसन भाभी को नंगी देखा, फिर भाभी को चोदा

पड़ोसन भाभी को नंगी देखा, फिर भाभी को चोदा

मैं उसे छत पर से देख रहा था. फिर उसने अपनी साड़ी उतारी और ब्लाउज भी उतार दिया वो बस ब्रा और पेटीकोट पहन कर मेरे सामने थीं.

मेरी हसीन सुहागरात

मेरी हसीन सुहागरात

खैर इतने सालों बाद मेरी शादी की बात घर पर चली और मैं खुश भी बहुत था। दो महीने बाद मेरी शादी होने वाली थी। शादी से पहले मैं सिर्फ उससे फ़ोन पर पर ही बात करता था। वो मिलने की बोलती थी, मगर मिलने में मेरी गांड फटती थी। सोचता था कैसे बात करूँगा? क्यूंकि इससे पहले कभी किसी लड़की से बात तक नहीं की थी। जितनी इससे की है।

सोनाली भाभी और उनकी उलझन

सोनाली भाभी और उनकी उलझन

अब मैं धर्मसंकट में था कि क्या किया जाए? और मैं यह भी नहीं जानता था कि उनकी बीवी का मिजाज किस टाइप का है। बस मैंने सोचा कि अब उनको राजी करना है और मैं वहाँ से निकल गया।

लण्ड की प्यासी रोशनी-1

लण्ड की प्यासी रोशनी-1

आज मैं आपको अपने तीसरी कहानी के बारे में बताने जा रहा हूँ।

लण्ड की प्यासी रोशनी-2

लण्ड की प्यासी रोशनी-2

फिर मैं उसको दीवार के पास ले गया और उसको दीवार से उल्टा चिपका दिया। उसके टॉप को थोड़ा ऊपर उठा कर उसकी चिकनी पीठ को धीरे-धीरे चाटने और चूमने लगा। अब मैंने उसकी गर्दन और पीठ को पीछे से चूमना शुरू किया और उसके पूरे बदन पर अपने हाथ फेरने लगा।

लण्ड की प्यासी रोशनी-3

लण्ड की प्यासी रोशनी-3

मेरे ऐसा करने से उसको बहुत मजा आ रहा था। मुझे उसकी चूत की सुगंध और स्वाद से बहुत ज्यादा चुदास चढ़ रही थी। मैंने उसकी चूत को अब चाटना शुरू किया और अपने एक हाथ से उसके भग को मसलना शुरू किया। वो अपनी कमर को हवा में उछालने लगी, मानो एकदम से खुद पर काबू खो दिया हो उसने।

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-1

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-1

भैया ने मुझे कहा- बिट्टू, मैं 3-4 दिन के लिए कानपुर जा रहा हूँ, कंपनी के काम से, तुझे हमारे घर सोना है।

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-2

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-2

मैं भी भौंचक्का सा था क्योंकि तब मुझे किताबों में लिखा लेस्बियन सेक्स मात्र कल्पना ही लगता था। लेकिन आज वास्तव में ये देख कर मेरे ‘छोटू; ने भी अंगड़ाइयाँ लेनी शुरू कर दी थीं। अब भाभी की बात भी समझ में आ गई थी कि जब हमारी रजाई खूब हिले तो तब रजाई को अपनी तरफ से उठा देना।

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-3

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-3

माला ने अपने हाथ से मेरी पीठ पर इतने ज़ोर से पकड़ा कि उसके नाखून मुझे चुभने लगे और उसका चेहरा दर्द के मारे लाल हो गया था।
लेकिन इस बार मैंने बिना रुके सारा लण्ड जड़ तक उसके भीतर डाल ही दिया। मैंने इससे पहले भाभी की चूत भी 3-4 दफा ली थी। उनकी चूत इतनी गर्म नहीं लगती थी।

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-4

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-4

मैं मन ही मन खुश हो गया कि चलो नई चूत मिलेगी पुरानी का मौका तो मिलता ही रहेगा।
भाभी बोली- बिट्टू, मैं तो कुछ कर नहीं पाऊँगी आज !

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-5

भाभी की ननद और मेरा लण्ड-5

मैंने सोचा कि अब वो मेरे लण्ड को अपने मुंह में लेगी पर उसने मुंह में नहीं लिया, बस बहुत बुरी तरह से सिस्कार रही थी और मचल रही थी। मैं अपने दोनों हाथ उसके कूल्हों के नीचे ले आया और दोनों हाथों से उसके नर्म चूतड़ों को कस कस के दबा रहा था और कभी-कभी अपनी उंगली उसकी गांड के छेद पर फ़िरा कर सहला रहा था।

मैरिज पैलेस के वाशरूम में

मैरिज पैलेस के वाशरूम में

मेरी तो आदत सी है कि अकेले में मर्द देख गाण्ड मचलने लगती है और मेरी चाल बदल जाती है। पहली बार तो में वहाँ सच में पेशाब करने गया था, जब उसके पास से गुज़रा तो मैंने नोट किया उसकी नज़र मेरी गोल-मोल गांड पर थी।