Kaam Vaasna

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मामा ने ढूंढा तिल

मामा ने ढूंढा तिल

कुछ देर बाद राज चला गया. अंकल वहीं पर बैठे हुए थे और चोरी चोरी कभी मेरी तरफ़ देखते, तो कभी मेरी चूचियों की तरफ़ देख रहे थे. जो कि मेरी टी शर्ट मैं उभरी हुई थीं. मैंने मन ही मन सोचा कि चलो क्यों न आज कुछ मजे ही ले लिए जाएं. उस वक्त अंकल ने एक ढीला सा पजामा ही पहन रखा था. मैंने चुपके से अपनी निक्कर की ज़िप खोल ली और धीरे धीरे अपनी टांगें ऊपर की ओर टेबल पर इस तरह से रख लीं कि मेरी चुत हल्की से दिखने लगे. इसके बाद मैंने वहीं रखा हुआ अखबार उठा कर पढ़ने की एक्टिंग करने लगी. मैं चुपके से देखने लगी कि अंकल मेरी हल्की सी दिखती हुई चुत की तरफ़ देख कर अपना लंड मसल रहे थे. फिर थोड़ी ही देर मैं उनका पजामा गीला सा हो गया और लंड नीचे बैठ गया. मैं समझ गई कि उन्होंने माल छोड़ दिया था.

पायलट दोस्त की बीवी की चुदाई

पायलट दोस्त की बीवी की चुदाई

मैं रूम की तरफ़ गया, मुझे वहां कोई नहीं दिखाई दिया, मैं वापस आ रहा था कि इतने में मुझे बाथरूम से कुछ आवाज़ ‘आआह.. ऊऊऊम्म..’ आती सुनाई दी. मुझे आवाज़ कुछ अजीब सी लगी और मैं बाहर चला आया.

मराठी सेक्स कहानी

मराठी सेक्स कहानी

पोरितला बदल मज़या लक्षत येत होया। ननतरचे 4 दिवस मे तसला कहि केला नहि।मज़यकदे बरिच क्सक्सक्स पुसतक आनि सद आहेत। तयतलि 2 खूप घनेरदि फोतोचि पुसतके इसत्रिचया कपदयखलि लपवलयसरखि ऊघदून थेवलि। थेवतना वैशलिला पुसतके दिसतिल यचि खबर घेतलि। मग मे ओफ़्फ़िसेला निघून गेलो। तया दिवशि मे मुद्दम 4 वजता लवकर घरि आलो। बेल्ल वजवलयवर वैशलिला दार ऊघदयला वेल लगला। दरवजा ऊघदलयवर मे वैशलिला नित बघितले। ऐखदि गरम बै एकदुम गार ज़लयवर जशि दिसते तशि वैशलि दिसत होति। मि विचरले “ ज़ोपलि होतिस का?” ति हो महनलि। मग मे बेदरूम मधये गेलो आनि गुपचुप पूसतके बघितलि तर गदबदित ति पूसतक थेवलि होति। मे परत गेलो आनि 5 वजता आलो , आता पूसतक नित थेवलि होति। वैशलि पन आता रेलक्स वतत होति।

चुद गयी नौकरानी मुझसे

चुद गयी नौकरानी मुझसे

जब वो ठुमकती हुयी चलती, तो उसके चूतड़ बड़े ही मोहक तरीके से हिलते और जैसे कह रहे हों कि मुझे पकड़ो और दबाओ। अपनी पतली सी साटन की साड़ी को जब वो सम्भालती हुयी सामने अपने बुर पर हाथ रखती तो मन करता की काश उसकी चूत को मैं छू सकता, दबा सकता।

छोटी बहन कमला की चुदाई

छोटी बहन कमला की चुदाई

असल में उसका यह डर व्यर्थ था क्योंकि रेखा अपने पति की मनोकामना खूब अच्छे से पहचानती थी। कमला को घूरते हुए अमर के चेहरे पर झलकती प्रखर वासना उसने कब की पहचान ली थी। सच तो यह था कि वह खुद इतनी कामुक थी कि अमर हर रात चोद कर भी उसकी वासना ठीक से तृप्त नहीं कर पाता था। दोपहर को वह बेचैन हो जाती थी और हस्तमैथुन से अपनी आग शांत करती थी। उसने अपने स्कूल के दिनों में अपनी कुछ खास सह्लियों के साथ सम्बम्ध बना लिये थे और उसे इन लेस्बियन रतिक्रीड़ाओं में बड़ा मजा आता था। अपनी मां की उमर की स्कूल प्रिन्सिपल के साथ तो उसके बहुत गहरे काम सम्बन्ध हो गये थे.

पढ़ाई के साथ चुदाई

पढ़ाई के साथ चुदाई

सम्पूर्ण विवरण से तात्पर्य है कि वे अपनी बॉडी की बनावट, कद काठी, कूल्हे भारी हैं या हल्के, चूचियो का साईज़, छोटी है या बड़ी, उनका रंग, चूत क्लीन शेव्ड है या झांटों से भरपूर है। आपकी खास आदते और पसन्द वगैरह। जब आप अपना शरीर का पूरा परिचय दे देंगी तो तो अवश्य ही आपके लिये एक बहुत ही सेक्सी और बहुत ही एक सुन्दर सी कहानी लिख पाऊंगा।

ब्लू फिल्म में क्या होता है

ब्लू फिल्म में क्या होता है

तो उसने मुझे अन्दर बुला कर बिठाया और फिर मुझसे पूछा क्या पियोगे.. सॉफ्ट ड्रिंक या कुछ गरम?
मैंने कहा- मुझे तो हॉट ही पसंद आता है.. तुम मुझे कॉफ़ी ही पिला दो.

नौकर का मोटा लंड और मेरा नंगा बदन

नौकर का मोटा लंड और मेरा नंगा बदन

और एक दिन मैं शॉपिंग करके वापस आई तब मैंने दरवाजा बंद देखा।

सपनों की बारात

सपनों की बारात

मैंने और भाभी ने देखा तो श्याम भाई थे जो मेरे चचेरे भाई थे।
वो अन्दर आये और मुझे देखते ही हैरत से बोले- अरे वाह निक्की तुम ! कब आई?

माँ और ताउजी की खेत में चुदाई

माँ और ताउजी की खेत में चुदाई

तब मैंने देखा कि माँ खुश थी और पैकिंग करने लगी। हम लोग सुबह की ट्रेन से गाँव पहुँच गये। वहाँ ताऊ जी हमें लेने के लिये आये हुये थे। माँ उनको देख कर खुश हो गई और ताऊ जी भी खुश हुए, उन्होंने पूछा- परिमल नहीं आया?

अब्बु और भाई-1

अब्बु और भाई-1

खैर जब मूवी देखने के बाद मुझपे भी मस्ती चढ़ी तब मैं अपने अब्बू के रूम की तरफ़ गई और धीरे से अन्दर चली गई अब्बू सो रहे थे। मैंने धीरे से उनकी लुंगी हटा दी और उनका मुरझाया हुआ लण्ड हाथ में लेकर सहलाने लगी।
अब्बू थोड़ा सा कुनमुनाये और करवट लेकर सीधे हो गये अब मैंने अपनी निकर उतारी और पूरी तरह से नंगी हो गई और अपने जलते हुए होंठ लेकर उनके लण्ड को इतनी जोर से काटा कि वो ‘आआह्ह हह्हह’ कर के उठ बैठे और मुझे देखते ही बोले- मेरी रानी बेटी को आज मेरी याद कैसे आ गई?

अब्बु और भाई-2

अब्बु और भाई-2

तब मैं भाई के तगड़े लण्ड को हाथ से सहलाने लगी. और अब्बू जी ने अचानक मेरी बुर पर चिकोटी काट ली और मेरी बुर के दाने के साथ छेड़खानी करने लगे. आज वाकई अब्बू के साथ अलग ही तरह का मज़ा मिल रहा था जो पहले कभी नहीं मिला था।

मेरा पहला सेक्स कल्लू के साथ

मेरा पहला सेक्स कल्लू के साथ

बातों बातों में वो बोला- मेम साहब, हम अपनी घरवाली के साथ बहुत मज़ा लेते हैं।
मै बोली- तुम क्या बात कर रहे हो। कौन सा मज़ा लेते हो?
वो बोला- मेम साहब सेक्स का बहुत मज़ा लेते हैं।
मैं पूछ बैठी- यह सेक्स मैं क्या मज़ा होता है।

हस्तमैथुन Masturbation- एक लाभदायक क्रिया

हस्तमैथुन Masturbation- एक लाभदायक क्रिया

यहाँ अपने हाथ (हस्त) को पुरुष स्त्री की योनि के एवज में और स्त्रियाँ अपनी ऊँगली पुरुष के लिंग के एवज में प्रयोग करती हैं। इसे तब तक करते हैं जब तक पूरी तरह उत्तेजित ना हो जाएँ और परम आनन्द महसूस ना कर लें।

प्यास बुझती नहीं

प्यास बुझती नहीं

अब्बु कोई मूवी देख रहे थे और मुझे देख कर बोले- बेटी, क्या हुआ आज बहुत दिन बाद अब्बा की याद आई?

फिर तेरी कहानी याद आई

फिर तेरी कहानी याद आई

मैं उसे अपनी दिल की कर एक बात बताता था। वो मेरी हर बात को ध्यान से सुनती थी। पिन्की रूपा की करीब की सहेली थी मतलब बेस्ट फ़्रेन्ड थी, जो रूपा के साथ एक ही क्लास में पढती थी। पिन्की बहुत खूबसूरत थी ये तो मैं नहीं कहूंगा। लेकिन उसमे कोई बात थी, कोई कशिश थी जो मेरे दिल को छू जाती थी। स्कूल से छूटने के बाद वो रोज ही मिलने के लिये हमारे अपार्टमेन्ट में आती थी, क्यूंकि रूपा के साथ रिश्ता बहुत अच्छा था। हम तीनो ही कभी कभी मूड होने पर खूब गप्पे मारते थे। कभी मौका मिलने पर मैं उन दोनो के साथ सिनेमा देखने भी जाता था।