Kaam Vaasna

कुछ पुरानी PDF कहानियाँ Download Kahani App
अस्पताल में इलाज़

अस्पताल में इलाज़

‘मेडम … एक बात कहूं … मैं तो मर गया… खास कर आपकी मुसकराहट पर…’ उसने अपनी तरफ़ हाथ पकड़ कर खीन्चा । मै जान कर के रमेश से टकरा गयी।

अतृप्त पड़ोसन की तृप्ति-2

अतृप्त पड़ोसन की तृप्ति-2

उस दिन के बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम उसका पूरा पूरा फ़ायदा उठाते। मैंने उसे उसके घर में हर जगह और हर ढंग से चोदा, बेडरूम, रसोई, बाथरूम, सीढ़ियाँ जहाँ मौका मिला हमने अपनी वासना शांत की।

काजल को चोदा

काजल को चोदा

स्कूल से वापस आने के बाद मैं काजल के घर 5 बजे शाम को पहुँच गया। मैंने कॉल बेल बजाई तो काजल ने दरवाज़ा खोला। उसने काले रंग की स्कर्ट और पिंक रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। उसने अंदर कुछ भी नहीं पहन रखा था। उसकी चूचियों के दोनो निपल्स बाहर से ही महसूस हो रहे थे।

शरण की लूँ तो कैसे

शरण की लूँ तो कैसे

फ़िर मैंने उसे बाहर मिलने के लिए जोर डाला। पर शरण नहीं मानी। फ़िर कुछ दिन बाद मेरे ऑफिस के दूसरे लड़के की रात की शादी थी। उसने सब को शादी में बुलाया। मेरे मन में आया कि मैं शरण को इस शादी की रात चोदूंगा और ऐसा ही हुआ।

मेरी प्यारी मामी की चूत में मेरा लंड

मेरी प्यारी मामी की चूत में मेरा लंड

कुछ देर बाद मामी मेरे कमरे में आई और मुझे देख कर हँसने लगी तो मैंने उनसे पूछा कि वो क्योँ हस रही है, तो उन्होंने कहा कि क्या तुमने किसी को ऐसी हालात में नहीं देखा?

मैं और मेरी भाभी गर्लफ्रेंड

मैं और मेरी भाभी गर्लफ्रेंड

वो मेरे करीब बैठ जाती थी लेकिन कभी भी ग़लत हरकत नहीं की।

चाची की प्यास बुझाई

चाची की प्यास बुझाई

मेरी चाची दिखने में काफ़ी सुंदर हैं और उनके स्तन काफ़ी बड़े है। वो घर में हमेशा सलवार सूट पहनती हैं। उनके बड़े बड़े स्तन उनके सूट में नहीं समाते और हमेशा बाहर झाँकते रहते थे जिससे मेरी निगाहें उनपे जम जाती। हालाँकि मुझे ये सब ग़लत भी लगता था लेकिन क्या करूँ, कंट्रोल ही नहीं होता था। कभी कभी चाची भी मुझे अपने स्तनॉ में झाँकते हुए देख लेती थी लेकिन फिर भी वो उनको छुपाने की कोशिश नहीं करती थी, जिससे मुझे लगता कि शायद वो भी मुझे अपने स्तन दिखाना चाहती हैं लेकिन फिर मैं सोचता कि ये मेरा भ्रम ही होगा और मैं नज़रे घुमा लेता।

जब मैंने उसकी कोख भरी

जब मैंने उसकी कोख भरी

वो मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी. वो 37-38 साल की ठीक ठाक सी औरत थी.

दिल्ली काल बोय की चुदाई-3

दिल्ली काल बोय की चुदाई-3

फ़िर हम इधर -उधर की बातें करने लगे तभी मेरी ग्राहक बियर और ग्लास और स्नैक ले आई। फ़िर हमने बियर पीनी शुरू की तो वो लेडी सोफे पर मेरे पास आ कर बैठ गई मैं उसकी टांगों को सहलाता रहा। फ़िर बियर ख़तम होते ही उसने कहा- कि चलो तुम्हारी परीक्षा लेती हूँ !

मेरा राज़ और चूत चुदाई

मेरा राज़ और चूत चुदाई

राज़ सकपका गया। शीना मेरी गहरी सहेली थी, उसकी सारी बातें मैं जानती थी, पर राज को ये नहीं पता था कि शीना की कोई हमराज़ भी है।

वो बारिश और शिल्पा का साथ

वो बारिश और शिल्पा का साथ

तभी ट्रेन भी आ गयी। हमने उस की 5 साल की बेटी को साथ लिया और फ़िर मैंने उसे कहा- मैं आपके घर तक छोड़ देता हूं।

कॉलेज से जंगल में मेरी चूत चुदाई

कॉलेज से जंगल में मेरी चूत चुदाई

पहले तो मेरी समझ में कुछ भी नहीं आया पर फ़िर मैंने ध्यान से देखा कि पापा मम्मी से चिपटे हुए हिल भी रहे थे। तभी वे थोड़ा सा घूमे तो मेरी बुद्धि घूम गई। पापा ने अपना लण्ड शायद मम्मी की चूत में डाल रखा था और वहीं धक्के मार रहे थे।

कोलेज़ की दो लड़कियाँ, मैं अकेला

कोलेज़ की दो लड़कियाँ, मैं अकेला

वो दोनों बिल्कुल नंगी थी, उनके कपड़े साइड वाली कुर्सी पर रखे हुए थे और वो लेस्बियन एन्जॉय कर रही थी। पूजा श्रुति की योनि चाट रही थी और श्रुति दर्द और सेक्स के मारे आवाजें कर रही थी। जब मैंने उनको ऐसा करते देखा तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया और ऐसा लग रहा था कि अभी अंडरवियर फाड़ कर बाहर आ जाएगा।

पड़ोस की कुंवारी लड़की

पड़ोस की कुंवारी लड़की

एक दिन मैं कुछ सामान लेने बाजार जा रहा था वो मुझे रास्ते में मिली और मुझे देख कर मुस्कुरा के निकल गई। उस दिन मुझे तो विश्वास ही नहीं हुआ। फ़िर एक दिन शाम के समय वो अपने घर के बाहर खड़ी थी और मैं जा रहा था तो उसने मुझे रोका और कहा- राहुल ! क्या आपके पास ऍम.बी.ए. के नोट्स हैं?

भोपाल इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की पचमढ़ी में कोचिंग

भोपाल इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की पचमढ़ी में कोचिंग

3 दिन पहले ही मैंने उसे स्कूटी से गिर पड़ने के कारण अपनी कार से उसके हॉस्टल छोड़ा था, और उसकी स्कूटी मेरा ड्राईवर लेकर आया था. उस वक़्त उसने मेरा कार्ड ले लिया था.

मंजू की चूत चुदाई

मंजू की चूत चुदाई

यारों क्या मस्त माल थी वो ! लम्बाई 5.4′ भरा भरा बदन सांवला रंग एक दम ब्लैक ब्यूटी थी वो ! 2-3 दिन ऐसे ही निकल गए मैं कही भी जाता थो वोह मुझे घूर घूर कर देखती। उसकी आँखों में मुझे वासना दिखाई दी।