Kaam Vaasna

कुछ पुरानी PDF कहानियाँ Download Kahani App
रीना ने अपनी सील तुड़वाई

रीना ने अपनी सील तुड़वाई

चुदवाने के चक्कर में अगर बदनामी हो गई तो मैं कहीं की नहीं रहूंगी। काश मैं किसी महानगर में होती तो रोजाना ही आप में से किसी न किसी से मरवाने जरूर पहुँचती।

अधखिला पुष्प

अधखिला पुष्प

एक दिन वो बिना दारू पिये… और बिना बीड़ी पिये मेरे पास आये तो मुझे लगा शायद ये सुधर गये हैं। पर लण्ड घुसाते ही वो झड़ गये… अब वो मुझ पर हर रोज़ कोशिश करते, पर नहीं बना तो नहीं बना…

आंटी और उनकी छवि

आंटी और उनकी छवि

थोड़ी देर बात करने के बाद उसने पूछा- क्या पियोगे?
और मैंने भी हमेशा की तरह बोल दिया- आप जो लेंगी, वही मैं भी ले लूँगा।

छवि की चुदाई

छवि की चुदाई

एकदम से मेरे दिमाग में एक आईडिया आया कि क्यों न चंदा को रात में दस बजे के बाद चुदाई करूँ जिससे छवि को भी चोदने का मौका मिल जायेगा। मैंने चंदा को कहा कि मैं रात को आ सकता हूँ तो वो थोड़ा सकपका गई लेकिन तुंरत मान गई। अब मैं मन ही मन खुश था कि छवि की चुदाई भी करूँगा।

अब मैंने छवि की गांड मारी

अब मैंने छवि की गांड मारी

फोन उठाते ही सुरीली सी आवाज आई- हेल्लो राकेश … राकेश बोल रहो हो?
“हाँ… राकेश बोल रहा हूँ.”
“मैं छवि बोल रही हूँ… कुछ याद है या याद दिलाना होगा?”
“नहीं डार्लिंग मैं तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ जानेमन … बताओ कब हाजिर हो जाऊँ आपकी सेवा में …”

आखिर मैंने भी चोद दिया

आखिर मैंने भी चोद दिया

पर मुझे ढेरों इमेल मिले। अधिकांश में पाठकों ने मुझे लड़की मानकर चोदने की इच्छा तक जाहिर कर दी। यहाँ मैं यह बता दूँ कि “मैं लड़की नहीं हूँ !” और मैंने वे कहानियाँ सीमा की तरफ़ से उसी के शब्दों में पेश की थी। आज मैं उसी कहानी को आगे बढ़ा रहा हूँ।

सुनहरे पल

सुनहरे पल

हम हमेशा की तरह गार्डन में घूम रहे थे। शाम का धुंधलका बढ़ चला था। बगीचे की लाईटें जल उठी थी। हम दोनों एक छोटी तलाई के किनारे रेलिंग के सहारे खड़े हो कर बाते कर रहे थे कि अचानक मैंने झुरमुट में एक लड़का और लड़की को देखा। वो आपस में लिपटे हुये एक दूसरे को चूम रहे थे।

हो गई बल्ले बल्ले

हो गई बल्ले बल्ले

यूँ तो मैं सेक्स कई बार कर चुका हूँ पर मैं अपने जीवन के कुछ सर्वोत्तम पल आपके साथ बांटना चाहूँगा।

फ़ौज़ी अंकल

फ़ौज़ी अंकल

आधे घंटे बाद मुझे लगा कि मेरे साथ कोई सोया हुआ है। मुझे समझते देर नहीं लगी कि यह फौजी अंकल ही होंगे। उन्होंने अपने शरीर को मेरे शरीर से छुआ दिया। मैंने नींद का बहाना जारी रखा। धीरे धीरे उन्होंने अपना हाथ मेरे वक्ष पर रखा। फिर थोड़ी देर के बाद वो अपने हाथ को फिराने लगे। एक चूची से दूसरी चूची तक धीरे धीरे हाथ फिराते रहे।

हमारी अधूरी कहानी-1

हमारी अधूरी कहानी-1

सोनिया वाली घटना हुए दो महीने ही बीते थे कि एक दिन मेरे पास एक लड़की फ़ोन कॉल आया, वो लड़की मेरे ऑफिस के ही कैब से आती थी, लेकिन शरीफ बच्चा होने की वजह से उस पर कभी ध्यान नहीं दिया। उसे मेरा नंबर कहाँ से मिला यह तो पता नहीं लेकिन इतना ज़रूर बता सकता हूँ कि मेरे व्यवहार से लड़की बहुत खुश लगती थी।

हमें भी करना चाहिए

हमें भी करना चाहिए

जब वो जाने लगी तो मैंने हिम्मत करके बोल दिया- आई लव यू !

एक पति, एक प्रियतम

एक पति, एक प्रियतम

यानि … यानि …

कहानी एक रात की

कहानी एक रात की

समय के साथ-साथ उसका फीगर और भी ज्यादा सेक्सी हो गया था, उसकी चूची इतनी बड़ी हो गई थी कि जैसे दो मोसम्म्बी हों रस से भरी हुई! और उसकी गांड तो इतनी सुन्दर लग रही थी कि जो भी देखे बस यही सोचने लगे कि बस एक बार इसे मसल दूँ! उसे देखकर कोई भी उसे मन में ही चोद दे इतनी सुन्दर थी वो!

ठेकेदार और उसके दोस्त से गांड मरवाई

ठेकेदार और उसके दोस्त से गांड मरवाई

मैंने अपना कंप्यूटर ऑन किया और याहू पर चैट करने लगा। वहाँ मुझे अपने सिटी के एक गांडू ने पता बताया। मैं तुंरत कार निकाल अपने घर से उसके बताये पते पर चला गया। वहाँ दो हट्टे-कट्टे मर्द बैठे हुए थे। मुझे संकोच सा हो रहा था, वो मकान बन रहा था ठेकेदार अपने दोस्त के साथ दारु पी रहा था, चौकीदार उनको सर्व कर रहा था। कार दो बार सामने से निकाली उसकी तरफ देखते हुए होंठ दबा कर जुबान होंठों पर फेरता हुआ !

तेरे भैया तो चूसने ही नहीं देते

तेरे भैया तो चूसने ही नहीं देते

हम ने खाना पैक करवाया और सोचा घर जाकर खायेंगे। खाना पैक करवा के घर आ गए और मैं भाभी से बोला- आप कपड़े बदल लो, फिर खाना खाते हैं।

रेलगाड़ी में पेल मारी

रेलगाड़ी में पेल मारी

मैंने उसे बताया – “सीट नम्बर ग्यारह”