Kaam Vaasna

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कितने लोगों के नीचे मेरी माँ-2

कितने लोगों के नीचे मेरी माँ-2

एक बार की बात है, सपन भैया घर पर आए हुए थे। मैंने उन्हें माँ को बोलते सुना- आजकल अपना नया घर जो बन रहा है, वहीं प्लॉट में रहता हूँ, कभी आओ तो तुम्हें अपना दिखाऊँ!

बुड्ढों के महान लौड़े

बुड्ढों के महान लौड़े

दोस्तो, आप सब ने मुझे कितना प्यार दिया यह मैं शब्दों से ब्यान नहीं कर सकता।

मैं चुप रहूँगा

मैं चुप रहूँगा

अचानक विनोद अंकल ने मम्मी की कमर दबा कर उन्हें अपने से चिपका लिया और उनका चेहरा मम्मी के चेहरे की तरफ़ बढने लगा.
मैंने मन ही मन में उन्हें गालियाँ दी- साले भेन के लौड़े, तेरी तो माँ चोद दूंगा मै, माँ को हाथ लगाता है?

सोने का नाटक

सोने का नाटक

उसने झाड़ू उठा कर मेरे कमरे की बत्ती जलाई तो देखा कि मैं पूरी तरह से नंगा हूँ और लंड पूरी तरह से खड़ा था।

गणित का प्राध्यापक

गणित का प्राध्यापक

स्कूल में मेरे बहुत आशिक़ थे पर मैंने उनको ज़्यादा घास नहीं डाली क्योंकि एक भी लड़का ऐसा नहीं था जो मेरे लायक हो या मुझे पसंद हो। बारहवीं कक्षा में मैं और मेरी दो सहेलियाँ गणित की ट्यूशन पढ़ने एक प्राध्यापक अजय के घर जाती थी, वो आई आई टी से स्नातक था और शादीशुदा था। उसकी उम्र करीब तीस साल थी। वो एक कोचिंग में पढ़ाता था और दिखने में काफ़ी स्मार्ट था। उसको देख कर मैं सोचती थी कि ऐसे लड़के स्कूल में क्यों नहीं हैं।

मेरी मालिश उसकी चाहत

मेरी मालिश उसकी चाहत

मैं बोला- आप जब चाहेंगी मैं आ जाऊँगा।

जन्नत चाची

जन्नत चाची

रात को मैं और चाची एक ही कमरे में सो रहे थे कि मुझे जोर की मुताश लगी तो मैं मूतने के लिए उठा। मैंने लाईट जलाई तो जो मैंने देखा वह देखकर मै दंग रह गया !

मेरी बिगड़ी हुई चाल

मेरी बिगड़ी हुई चाल

मेरा एन आर आई बुड्ढा आशिक थोड़े दिनों में ही वापिस अमेरिका जाने वाला था इसलिए उसने मुझे फिर आखरी बार मिलने के लिए कहा।
अब तक मुझे भी उसके लौड़े की जरूरत महसूस हो रही थी इसलिए मैं अपने ससुराल में मायके जाने का बहाना बना कर जालन्धर अपने आशिक के पास चली गई।
उसके बाद मुझे अपने मायके भी जाना था जो जालन्धर के पास ही था तो वहाँ से मुझे कोई परेशानी भी नहीं थी जाने की।

एक के ऊपर एक

एक के ऊपर एक

मैं आपको एक बार की बात बताता हूँ, शिप्रा एम बी ए करके घर आई हुई थी और मैं भी घर पर ही था। जब भी वो नहा कर निकलती, मैं उसे जरूर देखता और आँखों आँखों में उसे नंगी करके चोदने लगता।

लड़की से औरत बनी-1

लड़की से औरत बनी-1

एक बार मम्मी पापा एक रिश्तेदार की शादी में दो दिनों के लिए शहर से बाहर गए थे, मेरी जरूरी क्लास थी तो मैं अकेली घर पर रह गई।

कुंवारा लण्ड

कुंवारा लण्ड

मुझे बड़ी चूचियों वाली लड़की, पतली कमर और बड़ी गाण्ड वाली लड़की बहुत सेक्सी लगती है। बस मेरा दिल उसे चोदने को करने लगता है। ऐसी ही एक सेक्सी लड़की मेरी पड़ोस में रहती थी। उसका नाम रेशमा था। वो मुझे बहुत ही सुन्दर लगती थी। उसका फ़िगर 36-34-36 था। मेरी उसके साथ बहुत अच्छी दोस्ती थी। वो मुझे अच्छी भी लगती थी। उसके नाम की मैं मुठ्ठ भी मारा करता था। उसे चोदने के सपने मैं रातों को देखा करता था। मैं उसे चोदने का मौका भी ढूंढता रहता था। पर या तो मुझे मौका मिलता नहीं था या हो सकता है कि वो मुझे ऐसा मौका देना ही नहीं चाहती थी। वो जितना मुझसे दूर रहने की कोशिश करती थी, उसमें मुझे और अधिक कशिश लगने लगती थी, वो और भी अधिक सुन्दर और सेक्सी लगने थी। मन ही मन में मैं तड़प उठता था।

छप्पर फाड़ कर

छप्पर फाड़ कर

मैं काफी परेशान थी कि दो दिन का सफ़र वेटिंग में कैसे कटेगा।

मेरा दोस्त और उसकी बहन-3

मेरा दोस्त और उसकी बहन-3

चलिए मैं आपको आगे की कहानी बताता हूँ।

गीता भाभी की चुदाई

गीता भाभी की चुदाई

मैं तो मन ही मन उन्हें चोदने के सपने देखता रहता था पर मुझे कोई मौका नहीं मिल पा रहा था। पर एक दिन भगवान ने मेरी सुन ली और भाभी के पति को बिज़नस के सिलसिले में आठ दिन के लिए गुजरात जाना पड़ा।

हमारी नौकरानी सरीना-1

हमारी नौकरानी सरीना-1

मेरा लौड़ा पूरा टनटना रहा था, मैं बोला- ठीक है, लो !

हमारी नौकरानी सरीना-2

हमारी नौकरानी सरीना-2

रूचि बोली- मैं भी अकेली हूँ ! अच्छा, सरीना आपके यहाँ हो तो भाईसाहब बात करा दीजिए न ! कुछ बड़ा काम तो नहीं कर रही है क्या ?